ग्रेटर नोएडा में आपको क्यों खरीदनी चाहिए प्रॉपर्टी; वहां दुकान, मकान और जमीन खरीदने के ये हैं 5 बड़े कारण


रिपोर्ट- धीरेंद्र कुमार शुक्ला

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा दिल्ली-एनसीआर से भी तेजी के साथ विकास की गति को पकड़ता जा रहा है. यहां जब से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने की शुरुआत हुई तब से लेकर एक के बाद एक परियोजनाओं ने ग्रेटर नोएडा की तस्वीर बदलकर रख दी. 2008 से लेकर स्थापित हुआ ग्रेटर नोएडा तेजी के साथ चारों क्षेत्र में विकास करता जा रहा है. इसे ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की तरफ से विकसित किया जा रहा है. ग्रेटर नोएडा उच्च स्तरीय व्यापारों और आवासीय जगह के लिए नया केंद्र बन गया है.

इन 5 कारणों की वजह से यहां खरीदें प्रॉपर्टी

1. ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी
ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की चर्चा पूरे देश में है क्योंकि यहां बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का पहला सबसे बड़ा एयरपोर्ट है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बन जाने के बाद बड़े-बड़े कार्यालय खोलने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए यहां पर कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी. यही नहीं इसके साथ ही साथ ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक आसानी से पहुंचने का विकल्प होगा.

ग्रेटर नोएडा के आसपास के इलाकों से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यहां पर प्रॉपर्टी की मांग काफी बढ़ गई है. यहां कुछ प्रमुख बुनियादी ढांचों के विकास बेहतर तरीके से हुए हैं जिनमें से ग्रेटर नोएडा को नोएडा और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र से जोड़ने वाली एक्वा लाइन में 21 मेट्रो स्टेशन हैं. ये नोएडा के सेक्टर 51 डिपो ग्रेटर नोएडा तक चलती है. दूसरा यमुना एक्सप्रेस वे इसे आगरा से जोड़ता है और उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों तक आसानी से पहुंचने का अच्छा विकल्प है. 22 किलोमीटर लंबी लिंक रोड ग्रेटर नोएडा को गाजियाबाद से जोड़ती है जो रोज सफर करने वाले यात्रियों का बहुत समय बचाती है. एनएच 24 पर यातायात का ट्रैफिक भी कम करती है.

2. 30 साल आगे की तैयारी से विकसित किया गया है ग्रेटर नोएडा शहर

ग्रेटर नोएडा एक ग्रीन बेल्ट से घिरा हुआ है. इस खूबसूरत शहर में चौड़ी सड़कें और नियोजित बुनियादी ढांचा न्यूनतम लाल बत्ती के तौर पर स्थापित है. वास्तव में ग्रेटर नोएडा एशिया का पहला ऐसा शहर है जिसके बुनियादी ढांचे के विकास की योजना पहले से ही अगले 30 सालों के लिए बनाई गई है. ग्रेटर नोएडा में नॉलेज पार्क जैसे बड़े-बड़े संस्थागत क्षेत्र हैं.

3. ग्रेटर नोएडा बना बड़े निवेशकों का केंद्र
बड़े-बड़े बिजनेसमैन अब ग्रेटर नोएडा में अपनी जमीन तलाश रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि यहां पर आने वाले समय में बड़ी कंपनियां खोलकर अच्छा पैसा कमाया जा सकता हैं. यहां पर यमुना एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास प्राधिकरण की तरफ से पतंजलि समूह को ग्रेटर नोएडा में पतंजलि फूड और हर्बल पार्क शुरू करने के लिए 300 एकड़ जमीन दी गई. इसके साथ ही साथ पतंजलि आयुर्वेदिक लिमिटेड को 130 एकड़ जमीन पहले ही यमुना विकास प्राधिकरण की तरफ से दी जा चुकी है.

इसी तरह अनेकों कंपनियां ग्रेटर नोएडा में करोड़ों रुपए निवेश करने का सपना देख रही हैं. इसके लिए यमुना विकास प्राधिकरण के पास एक के बाद एक प्रस्ताव आ रहे हैं. उन प्रस्ताव पर प्राधिकरण विचार कर रहा है.

4. लोगों के लिए सामाजिक और बेहतरीन माहौल
ग्रेटर नोएडा में बड़े-बड़े फ्लैट खरीद कर रहने वाले लोगों के लिए बेहतरीन सुविधाएं हैं. यहां पर पार्क, मॉल, ब्रांडेड शोरूम, ब्रांडेड होटल, रेस्टोरेंट बड़ी-बड़ी घूमने की जगह बनाई जा रही हैं. जिसमें से वर्तमान समय में द ग्रैंड वेनिस मॉल जो परी चौक के पास स्थित है. दूसरा गौर सिटी मॉल जो सेक्टर 4 के पास स्थित है. ये दो मॉल ग्रेटर नोएडा के सबसे फेमस मॉल हैं. यहां पर दूर-दूर से लोग शॉपिंग करने के लिए आते हैं. इन मॉलों में आराम से घूम जा सकता है.

5. ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन में आगामी विकास की उम्मीद
ग्रेटर नोएडा को एक्सटेंशन के नाम से जाना जाता है. यहां पर प्राधिकरण की तरफ से आवासीय और वाणिज्यिक दोनों परियोजनाएं धरातल पर काम कर रही हैं. नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से आगे परी चौक से आगे का क्षेत्र तेजी के साथ विकसित किया जा रहा है. इन क्षेत्रों में बिल्डर अलग-अलग परियोजनाओं के साथ काम कर रहे हैं और बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बना रहे हैं जिसमें घर बनाने को लेकर काम किया जा रहा है.

अगर आप ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी लेना चाहते हैं तो देर ना करें. नहीं तो आपके हाथ से अच्छा वातावरण, अच्छी सुविधा, बेहतरीनऔर देश के पहले सबसे बड़े एयरपोर्ट के पास रहने का सपना टूट जाएगा. इसलिए ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी लें और अपने सपने का आशियाना बनाएं.

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