हरतालिका तीज के 36 घंटे में गलती से भी न करें ये 8 काम, पुण्य की जगह लगेगा पाप! अयोध्या के विद्वान से जानें सब


अयोध्या: सनातन धर्म में हरतालिका तीज का विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती हैं. पंचांग के अनुसार हरतालिका तीज व्रत हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है. इस बार हरतालिका तीज व्रत 6 सितंबर को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार यह व्रत शिव-शक्ति को समर्पित है. इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं.

धार्मिक मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत करने से जीवन में आ रही तमाम तरह की परेशानियों से मुक्ति भी मिलती है. साथ ही वैवाहिक जीवन सुखमय भी रहता है. हरतालिका तीज का व्रत करने के लिए शास्त्रों में कुछ नियम भी बताए गए हैं. जिसका पालन करने से व्रत पूर्ण माना जाता है तो चलिए इस रिपोर्ट में जानते हैं कि हरतालिका तीज के दिन महिलाओं को किन बातों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है .

36 घंटे का निर्जला व्रत
दरअसल अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हरतालिका तीज का व्रत कुंवारी कन्याएं और महिलाएं रख सकती है. इस दिन सुहागन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. तीज के मौके पर सुहागन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं. हरतालिका तीज के व्रत को अन्य व्रतों की तुलना में सबसे कठिन माना जाता है, क्योंकि करीब 36 घंटे तक महिलाएं बिना कुछ खाए-पिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस व्रत को करने के दौरान कई नियमों का पालन करना पड़ता है, तभी व्रत और पूजा सफल मानी जाता है. एक छोटी सी गलती से व्रत खंडित हो जाता है.

⦁ हरतालिका तीज व्रत के दौरान महिलाएं गलती से भी क्रोध ना करें. अगर वह ऐसा करती हैं तो उनका व्रत अधूरा माना जाएगा.
⦁ हरतालिका तीज का व्रत रखने का संकल्प करने के बाद भूल से भी या व्रत नहीं तोड़ना चाहिए ऐसा करने से सौभाग्यशाली स्त्रियों को कई तरह के अशुभ परिणाम भी देखने को मिलते हैं.
⦁ हरतालिका तीज के दौरान महिलाओं को अपने मन में किसी तरह का गलत विचार नहीं लाना चाहिए अर्थात किसी के भी प्रति गलत भावना ना रखें और भूलकर भी किसी को भला बुरा न कहें.
⦁ व्रत रखने वाली महिलाओं को रात्रि में सोना नहीं चाहिए, पूरी रात जागरण करते हुए भगवान शिव की कथा सुनाई चाहिए. उनके स्रोत का पाठ करना चाहिए.
⦁ हरतालिका तीज का व्रत अत्यंत कठिन होता है. ये निर्जला व्रत होता है. यानी कि व्रती महिलाएं इस दिन जल या पानी तक ग्रहण नहीं कर सकती हैं. अगर किसी महिला ने पानी पी लिया तो व्रत खंडित हो जाता है
⦁ इसके साथ ही इस दिन काले रंग से परहेज करना चाहिए काले रंग की चूड़ियां और कपड़े नहीं पहनना चाहिए.
⦁ इस दिन घर के महिलाओं को बड़े बुजुर्ग को भूलकर भी अपमानित नहीं करना चाहिए बल्कि उनके पैर छूकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए.
⦁ ऐसी मान्यता है कि यदि कोई भी कुंवारी या विवाहित महिला एक बार इस व्रत को रखना शुरू कर देती हैं तो उसे जीवनभर यह व्रत रखना ही होता है. बीमार होने पर दूसरी महिला या पति इस व्रत को रख सकता है. जिन महिलाओं ने व्रत रखा है उन्हें व्रत नहीं तोड़ना चाहिए, ऐसा करना अशुभ माना जाता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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