शायरी के बेताज बादशाह मिर्जा गालिब को भारत रत्न देने की उठी मांग, कांग्रेस समेत कई पार्टियों का समर्थन
हिन्दुस्तानी शायरी के बेताज बादशाह मिर्जा गालिब को उनकी कालजयी रचनाओं के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग राज्यसभा में की गई। तृणमूल कांग्रेस के सांसद मोहम्मद नदीम उल हक ने केंद्र सरकार से गालिब को मरणोपरांत भारत रत्न देने की यह मांग उठाई। तृणमूल सांसद की इस मांग का समाजवादी पार्टी व कांग्रेस समेत कुछ एक और दलों के सदस्यों ने समर्थन किया।
राज्यसभा में तृणमूल सांसद ने शून्यकाल के दौरान यह मांग उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार से आग्रह है कि वह गालिब को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करे। सरकार का ऐसा कदम न केवल गालिब का सम्मान होगा बल्कि हम सभी की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नदीम उल हक ने कहा कि गालिब भले ही उत्तरप्रदेश के आगरा में पैदा हुए और महज 11 साल की उम्र में शायरी शुरू कर दी मगर उनकी लोकप्रियता सीमाओं से परे बेमिसाल थी। गालिब ने अपनी शायरी से पुरानी रवायत को तोड़ा और इनके जरिये जिंदगी के दर्शन को एक नई दृष्टि दी। भारत में इस विद्या में उनका योगदान अतुलनीय है।
टीएमसी सांसद बोले, गालिब का सम्मान हम सभी की होगी प्रतिष्ठा